आइए ग्वालियर को सर्व सुविधायुक्त विरासत नगर बनाऐं
विरासत संरक्षण और नगर विकास हर गली हर चैराहे के आस-पास
ग्वालियर के सम्माननीय भाईयों/बहनों,
इतिहास साक्षी है कि ग्वालियर के स्थापत्य, कला और संगीत की कीर्ति पताका समूचे देश में ही नहीं विदेशों में भी फहराती थी। गालब ऋषि की तपों भूमि, मृगनयनी और राजा मानसिंह की रंगभूमि, संगीत सम्राट तानसेन की साधना भूमि, वीरांगना लक्ष्मीबाई की बलिदान भूमि और माननीय अटल बिहारी वाजपेयी, कैलाशवासी राजमाता विजयाराजे सिंधिया तथा श्रीमंत माधवराव सिंधिया की यह कर्म भूमि होने के साथ ही हमारे संवेदनशील माननीय मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह की स्वर्णिम मध्यप्रदेश बनाने के संकल्प की प्रेरणा भूमि है। हम सभी को इस नगर के इतिहास और इसकी यश कीर्ति पर गर्व है। हमारे भविष्य की पीढि़या इस पर तभी गर्व कर सकेंगी जब हम अपनी विरासत के संरक्षण के साथ इस नगर को सुगम, सुव्यवस्थित, स्वच्छ और सुन्दर बना पाएगें। वर्तमान परिप्रेक्ष्य में यह कर सकते हैं कि 50 वर्ष के बाद ग्वालियर ने अपने अंतस में झांक कर अंगडाई ली है। विकास के इस क्रम सार्वजनिक हित के साथ कुछ नगण्य व्यक्तियों को कष्ट भी होता है। लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था में नगर विकास के लिए किए जा रहें विकास कार्य में किसी भी नागरिक को हुए किसी भी प्रकार के कष्ट को दूर करने का दायित्व मैं अपना मानती हूं। इसलिए आज आपको आश्वस्त कर रही हूं कि सुचारू यातायात व्यवस्था के लिए अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही में जो दुकाने पूर्ण रूप से हटाई गई हैं, उनके दुकानदारों के विस्थापन की कार्यवाही अतिशीघ्र नगर निगम द्वारा की जा रही है और यदि भवन स्वामी मुआवजे का हकदार है तो मुआवजा राशि भी दी जाएगी। जनहित के लिए धन की कमी आडे नहीं आने दी जाएगी। यातायात में अत्यधिक बाधक धर्म स्थलों को विधिविधान से शांतिपूर्वक हटाए जाने में धार्मिक संगठनों/धर्माचार्यों की पूर्व स्वीकृति और आपकी मौन स्वीकृति में जन-जन में छिपी निर्विध्न यातायात और नगर सौन्दर्य की भावना को उजागर किया है।
आपको विश्वास दिलाते हुए आश्वस्त करती हूं कि नगर विकास कार्य में प्रभावित धार्मिक स्थलों की सम्पूर्ण धार्मिक विधिविधान के साथ धर्माचार्यो के निर्देशन में स्थापना का कार्य नगर के आग्नेय कोण पर स्थित हुमान टेकरी के विशाल परिक्षेत्र में तत्काल कराए जाने और इसे श्रद्धा पर्वत का मनमोहक रूप देने का निश्चय किया जा चुका है। श्रद्धा पर्वत के रूप में आपके नगर को आगामी दो माह में एक ऐसी सौगात मिल रही है, जहां का शांत वातावरण, स्वच्छ पर्यावरण, चिंतन-मनन, उच्च स्तरीय जन-सुविधाओं, वाकिंग ट्रैक और सुरमयता के लिए ग्वालियर की पहचान बनेगा। यह शहर मेरा परिवार और आप मेंर परिजन हैं। मुझे पूर्ण विश्वास है कि मेरे इस नगर की विरासत नगर संरचना को संरक्षित कर नगर को सुगम, स्वच्छ, सुन्दर और सर्व सुविधायुक्त बनाने के लिए मेरे कंधे से कंधा मिलाकर स्वर्णिम ग्वालियर को मूर्तरूप देगें।
श्रीमती समीक्षा गुप्ता
महापौर
नगर निगम, ग्वालियर